जनजातीय अंचल में स्वावलंबन का नया अध्याय: बड़ा घोसलिया में कौशल विकास व आरोग्य केंद्र का लोकार्पण 30 को
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
झाबुआ। सेवा, संस्कार और स्वावलंबन के त्रिवेणी संगम से जनजातीय समाज के सशक्तीकरण व सर्वांगीण विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मेघनगर विकासखंड के ग्राम बड़ा घोसलिया स्थित ‘सेवा भारती मालवा प्रांत’ द्वारा संचालित जनजाति सशक्तिकरण केंद्र परिसर में नवनिर्मित कौशल विकास एवं आरोग्य केंद्र का भव्य लोकार्पण आगामी 30 जुलाई को प्रात: 11:30 बजे आयोजित किया जाएगा।
इस गरिमामय समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी होंगे। आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य व पर्यावरण का अनुपम केंद्र
लगभग 32 बीघा के विशाल भू-भाग में पल्लवित यह सेवा-प्रकल्प विगत कई वर्षों से दूरस्थ जनजातीय अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वावलंबन के क्षेत्र में निरंतर सेवारत है। परिसर में संचालित आवासीय छात्रावास में वर्तमान में 50 से अधिक विद्यार्थी रहकर सुलभ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अध्ययन के साथ-साथ इन विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राखी निर्माण, मूर्ति शिल्प तथा श्रृंगार सामग्री निर्माण का रोजगारपरक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।

कृषक प्रशिक्षण व मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की सौगात
क्षेत्रीय कृषकों की समृद्धि के लिए परिसर में सर्वसुविधायुक्त आवासीय प्रशिक्षण भवन का निर्माण किया गया है। यहाँ किसान रुककर जैविक कृषि, वर्मी कम्पोस्ट, सींग खाद एवं आधुनिक प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
इसके साथ ही कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के सहयोग से प्राप्त अत्याधुनिक सुसज्जित एम्बुलेंस के माध्यम से सुदूर जनजातीय ग्रामों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से अंचल में व्याप्त सिकल सेल एनीमिया की जाँच एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अब ग्रामीणों के द्वार तक सुलभ होंगी।

कौशल संवर्धन: महिलाओं व युवाओं को मिलेगा संबल
केंद्र द्वारा विगत दो वर्षों से आपदा प्रबंधन के अंतर्गत ग्रामीणों व युवाओं को डूबने की घटनाओं से बचाने हेतु तालाब में तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जगाने हेतु पारम्परिक पलाश के पत्तों से पत्तल निर्माण का प्रशिक्षण भी जारी है।
-
महिला सशक्तीकरण: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ब्यूटी पार्लर, मेहंदी, हैंडलूम, सिलाई तथा श्री गणेश प्रतिमा निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
-
युवा कौशल विकास: युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने हेतु मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, मोटर रिपेयरिंग, एसी सर्विसिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, प्लंबिंग एवं वेल्डिंग जैसे अनेक रोजगारोन्मुखी ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं।
गरिमामय उपस्थिति
लोकार्पण समारोह में उद्योग व प्रशासनिक क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियां विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच साझा करेंगी। इनमें पवन सिंघानिया (मोयरा सरिया, इंदौर), गिरीश मतलानी (सोनिक बायोकेम, इंदौर), अनिल सतवानी (सिम्बायोटेक फार्मा, इंदौर) तथा प्रवीण कुमार सकलेचा (महाप्रबंधक, एमपीएसओ, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भोपाल) सम्मिलित हैं। कार्यक्रम का समापन दोपहर 1:30 बजे होगा।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





