*भोर तक गूंजते रहे गरबों के स्वर, माता की भक्ति में रातभर झूमता रहा पिटोल*
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*नौ दिवसीय दुर्गोत्सव के अंतिम दिन तीनों गरबा पंडालों में उमड़ा जनसैलाब, पंडाल पड़ गए छोटे*
निर्भयसिंह ठाकुर | पिटोल। मां दुर्गा की आराधना, गरबों की गूंज और भक्ति के उल्लास के बीच पिटोल में नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव का समापन हुआ। नवरात्रि के अंतिम दिन माता की भक्ति का ऐसा रंग चढ़ा कि गरबा खेलने वाले भक्त भोर होने तक थिरकते रहे। क्या बच्चे, क्या युवा, क्या महिलाएं और क्या पुरुष, हर कोई मां की आराधना में लीन नजर आया। श्रद्धा और उत्साह का आलम यह रहा कि पिटोल के तीनों गरबा पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ के सामने छोटे पड़ गए। चारों ओर गरबों की गूंज और माता के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
तीन पंडालों में सजा भक्ति और उल्लास का रंग
नवरात्रि के अंतिम दिन पिटोल के राधा-कृष्ण मंदिर परिसर मैं नवयुवक मंडल, आजाद चौक स्थित कालिका माता मंदिर और शिवाजी चौक के गाहरी मोहल्ला में गरबों का आयोजन किया गया। तीनों स्थानों पर देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुषों और युवतियों ने गरबों में उत्साह के साथ भाग लिया। मां की आराधना में लीन भक्तों के कदम संगीत की धुन पर लगातार थिरकते रहे। गरबा खेलने वालों के साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से पहुंचे लोगों ने भी आयोजन का आनंद लिया।

*गरबा खेलने वालों के लिए समितियों ने रखे उपहार*
नवरात्रि के अंतिम दिन गरबा खेलने वाले महिला-पुरुषों का उत्साह बढ़ाने के लिए विभिन्न आयोजन समितियों की ओर से उपहारों की व्यवस्था भी की गई। इससे गरबा खेलने वालों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान समितियां ने गरबा खेलने वालों के लिए खिचड़ी प्रसाद का भी प्रबंध किया था! आकर्षक गरबा प्रस्तुतियों और भक्ति गीतों के बीच पंडालों में देर रात तक रौनक बनी रही। नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भागीदारी ने उत्सव को यादगार बना दिया।

*गुजराती गरबों पर झूमे भक्त, दिखा दोनों राज्यों की संस्कृति का संगम*
मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमा पर बसे पिटोल में नवरात्रि महोत्सव के दौरान दोनों राज्यों की सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां आयोजित गरबों में गुजराती गीतों की धूम रही। गुजराती धुनों पर महिला-पुरुषों और युवतियों ने पारंपरिक अंदाज में गरबा खेलकर मां दुर्गा की आराधना की। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण दोनों राज्यों की संस्कृति और परंपराओं की झलक गरबा पंडालों में स्पष्ट दिखाई दी। यहां तीनों पंडाल मे महा आरती के भी आयोजन हुए जिसमें सभी जगह आकर्षक आतिशबाजी भी की गई महा आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए!

*नौ दिनों तक मुस्तैद रहा पुलिस प्रशासन*
नौ दिवसीय दुर्गोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और गरबा आयोजनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। पूरे आयोजन में पुलिस की चौकसी सराहनीय रही। नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ी भारी भीड़ के बीच गरबा महोत्सव का उत्साह और धार्मिक उल्लास देखते ही बना। भोर तक गूंजते गरबों के साथ पिटोल में नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह की यादें छोड़कर संपन्न हुआ।

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